प्राइवेट स्कूलों को भी हर क्षेत्र में मात दे रहा है तिलौथू प्रखण्ड का यह सरकारी विद्यालय

तिलौथू प्रखण्ड कार्यालय से लगभग 5 किलोमीटर दूर स्थित है मध्य विद्यालय पतलुका

ड्रेस कोड में आना, अच्छी पढ़ाई करना, खेलकूद समेत अन्य पठन-पाठन के कार्य यहां छात्रों के प्रतिदिन की दिनचर्या है.

छोटन कुमार/तिलौथू /रोहतास:-तिलौथू प्रखण्ड क्षेत्र के एक ऐसा सरकारी विद्यालय जो किसी हाईफाई प्राइवेट स्कूल से कम नहीं है। यहां की खासियत बस इसकी सुंदर बनावट ही नहीं, यहां सुविधाएं भी ऐसी हैं जो किसी महंगे प्राइवेट स्कूल में नहीं होंगी। आप जरूर हैरान होंगे। उसे महज कल्पना ही मानेंगे। लेकिन यह कल्पना नहीं हकीकत है। जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर तिलौथू प्रखंड के पतलुका गांव का मध्य विद्यालय जिसे देखकर आप हैरान हो जाएगें। वाह कहे बिना नहीं रह सकते। यह स्कूल बिहार के तमाम सरकारी स्कूलों के लिए एक मिसाल है।

स्कूल के सभी शिक्षक की कड़ी मेहनत और लगन की बदौलत स्कूल की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल गई। पतलूका गांव का एक सरकारी विद्यालय जो अन्य निजी विद्यालयों को सीख दे रहा है कि कैसे विद्यार्थियों के बीच सामंजस्य बनाएं एवं उन्हें शिक्षा के साथ संस्कार व नैतिक शिक्षा का ज्ञान कैसे दें? इस कार्यक्रम को विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल कुमार सिंह के द्वारा प्रत्येक दिन संचालित किया जाता है। बच्चों की गतिविधि को सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित कर उन्हें अपने कला कौशल एवं हुनर को दिखाने का मौका मिलता है। विद्यालय के शिक्षक अभिषेक कुमार व शिक्षिका उषा कुमारी के सहयोग से विद्यालय में प्रत्येक दिन सभी बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार की बात बताया जाता है।

जो बहुत ही जरूरी एवं सर्वोपरि है। ऐसी शिक्षा किसी अन्य विद्यालयों में नहीं दी जाती। क्योंकि वहां के शिक्षकों में अनिल कुमार सिंह के जैसा नेतृत्व क्षमता नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि इस विद्यालय को अनिल कुमार सिंह ने बहुत लगन से संचालित करने में अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे है। यह विद्यालय किसी भी प्राइवेट विद्यालय से किसी भी मायने में कम नहीं है। विद्यालय का भवन रेल डब्बा जैसा बहुत ही मनमोहक और आकर्षक बनाया गया है। यहां की बागवानी राष्ट्रपति भवन की तर्ज पर रंग बिरंगे फूलों के साथ सजाया गया है। इस विद्यालय की सबसे बड़ी खासियत है कि सभी बच्चे नियमित अपने ड्रेस में आते हैं । उनके साथ उनका आई कार्ड लगा रहता है। चेहरे पर मास्क एवं पैरों में जूता सभी बच्चों के लिए अनिवार्य है। इसके साथ ही सभी बच्चे एवम शिक्षण दोपहर का भोजन अपने साथ लाते हैं। सभी शिक्षक व विद्यार्थी एक साथ भोजन करते हैं। कोई बच्चा विद्यालय में प्रवेश करने के बाद संध्या छुट्टी होने के बाद ही घर जाता है। यह सिर्फ मध्य विद्यालय पतलुका में ही देखने को मिलता है। इसी विद्यालय से पढ़ कर निकले आईटीबीपी के इंस्पेक्टर अनिल कुमार यादव ने बताया कि हमारा विद्यालय पूरे बिहार में एक स्थान रखता है । जिसको बनाने में हमारे ग्रामीण , एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल कुमार सिंह का बहुत बड़ा योगदान है। विद्यालय के अन्य शिक्षक का भी भरपूर सहयोग मिलता है। सभी मिलकर विद्यालय की जमीन पर फूल, सब्जी और पौधे लगा कर उसकी जिम्मेवारी पूर्वक सेवा करते हैं।

कोरोना काल में बाहर से आये लोगो को सर्वश्रेष्ठ सुविधा देने के कारण चर्चा में रहा, इस विद्यालय का ऑनलाइन अवलोकन माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी के द्वारा किया गया था। वन विभाग के द्वारा प्रत्येक वर्ष इस विद्यालय वृक्षारोपण का उत्सव मनाया जाता है। जिसमे जिलाधिकारी एवम वन विभाग के अधिकारियों का भरपूर सहयोग मिलता है। ऐसी व्यवस्था को संचालित करने के चलते ही तिलौथु प्रखण्ड का नंबर वन सरकारी विद्यालय कहा जाता है जो रोहतास जिले में भी प्रथम स्थान रखता है। सम्पूर्ण बिहार में ऐसा सरकारी विद्यालय दो चार ही है।


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