लॉकडाउन में महिलाओं ने की वट सावित्री की पूजा, सोशल डिस्टेंसिंग का नहीं रखा ख्याल।

सवांददाता कुणाल सिंह/गड़हनी

आरा:-कोरोना संकट को लेकर लगाए गए लॉकडाउन के बीच शुक्रवार को महिलाएं वट सावित्री की पूजा करने पहुंची।इसी दौरान महिलाओं ने न तो मास्क पहना और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा। बरगद के पेड़ की पूजा करने के बाद सिंदूर लगाती महिलाएं।लॉक डाउन की वजह से कई घरों में महिलाओं ने बरगद के पत्ते के साथ पूजा की।

महिलाओं का कहना है कि हम सरकार के आदेश और लॉकडाउन की वजह से पूजा करने बाहर नहीं जा सके। इसलिए बरगद के पत्ते से घर में ही पूजा किया।जो महिलाएं पूजा करने बाहर नहीं गईं, उन्होंने घर की छत पर बरगद के पत्ते को ही पेड़ मानकर पूजा कर लिया।बरोड़ा गांव की महिला सीमा तिवारी ने बताया कि अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए यह व्रत हर साल ज्येष्ठ माह की अमावस्या को रखा जाता है।

कई जगह इस व्रत को ज्येष्ठ पूर्णिमा को रखा जाता है। मान्यता है कि इस दिन माता सावित्री ने अपने दृढ़ संकल्प द्वारा यमराज से अपने मृत पति सत्यवान के प्राण ले आए थे। इस दिन महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं।


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