गंगा विलास क्रूज के सैलानियों ने ऐतिहासिक विक्रमशिला विश्वविद्यालय के अवशेषों का भ्रमण किया

भागलपुर :-वाराणसी से असम के डिब्रूगढ़ तक के अपने 51 दिनों की यात्रा पर निकले गंगा विलास क्रूज आज भागलपुर जिले के कहलगांव में पड़ाव डाला। यहां सैलानियों ने ऐतिहासिक विक्रमशिला विश्वविद्यालय के अवशेषों
का भ्रमण किया तथा पवित्र बटेश्वरनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की।प्रातः यहां पहुंचने पर अतिथि यात्रियों का स्वागत कहलगांव के विधायक  पवन कुमार यादव द्वारा पारंपरिक तरीके से माला पहनाकर तथा भागलपुरी का प्रसिद्ध अंग वस्त्र देकर किया गया।

इस अवसर पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के भागलपुर स्थित केंद्रीय संचार ब्यूरो के क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी अभिषेक कुमार ने मेहमान सैलानियों से संवाद किया।

सैलानी सबसे पहले बटेश्वर स्थान स्थित घाट उतरे तथा वहां से विक्रमशिला विश्वविद्यालय के अवशेष स्थल के अवलोकन के लिए निकले। इस दौरान स्थानीय विधायक पवन कुमार यादव तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी साथ में रहे।
सैलानियों ने विक्रमशिला के पुरातात्विक अवशेषों को देखा तथा इसे ऐतिहासिक व रुचिप्रद बताया।

इस अवसर पर विधायक श्री पवन कुमार यादव ने कहा कि इस प्रकार की क्रूज यात्रा से विदेशी मेहमानों के कहलगांव और भागलपुर की धरती पर आने से यहां के लोग बहुत खुश हैं तथा विदेशी मेहमानों को भी यहां की संस्कृति पसंद आ रही हैं।

इस अवसर पर क्रूज के स्विस नागरिक यात्री पीटर कौफमैन ने बताया कि वे दूसरी बार बिहार आए हैं और इस क्रूज यात्रा के अनुभवों को यूरोप में प्रचारित करते हुए अधिक से अधिक सैलानियों को बिहार आने के लिए प्रेरित करेंगे।
अन्य यात्रियों ने भी विक्रमशिला के अवशेषों को सराहा।

सैलानियों द्वारा विक्रमशिला की ऐतिहासिक धरोहर के दृश्यों को अपने कैमरे में कैद किया हुआ। साथ स्थानीय लोगों के साथ भी उन्होंने चित्र खिंचवाए।

इसके बाद विदेशी सैलानी बाबा बटेश्वर नाथ मंदिर पहुंचे तथा विधिवत पूजा अर्चना की।

गंगा विलास का अगला पड़ाव झारखंड के साहेबगंज जिले का समता घाट है, जहां की यात्रा पूरी कर सैलानी पश्चिम बंगाल में प्रवेश करेंगे।

एमवी गंगा विलास : –

एमवी गंगा विलास उत्तर प्रदेश के वाराणसी से अपनी यात्रा शुरू करते हुए 51 दिनों में लगभग 3,200 किलोमीटर की यात्रा करके भारत और बांग्लादेश में 27 नदी प्रणालियों को पार करते हुए बांग्लादेश के रास्ते असम के डिब्रूगढ़ तक पहुंचेगा। एमवी गंगा विलास में सभी लक्जरी सुविधाओं के साथ तीन डेक, 36 पर्यटकों की क्षमता वाले 18 सुइट हैं। पहली यात्रा में स्विट्जरलैंड के 32 पर्यटक पूरी यात्रा के लिए जा रहे हैं।

एमवी गंगा विलास क्रूज को दुनिया के सामने देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए डिजाइन किया गया है। विश्व धरोहर स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानों, नदी घाटों और बिहार में पटना, झारखंड में साहिबगंज, पश्चिम बंगाल में कोलकाता, बांग्लादेश में ढाका और असम में गुवाहाटी जैसे प्रमुख शहरों सहित 50 पर्यटन स्थलों की क्रूज की 51 दिनों की यात्रा की योजना बनाई गई है। यह यात्रा पर्यटकों को एक शानदार अनुभव देगी और भारत और बांग्लादेश की कला, संस्कृति, इतिहास और आध्यात्मिकता में शामिल होने का अवसर देगी।

रिवर क्रूज टूरिज्म को बढ़ावा देने के प्रधानमंत्री के प्रयास के अनुरूप, इस सेवा के लॉन्च के साथ रिवर क्रूज की विशाल अप्रयुक्त क्षमता का लाभ प्राप्त करना संभव हो जाएगा और यह भारत के लिए रिवर क्रूज टूरिज्म के एक नए युग का सूत्रपात करेगी।


[responsive-slider id=1811]

जवाब जरूर दे 

आप अपने सहर के वर्तमान बिधायक के कार्यों से कितना संतुष्ट है ?

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Close

Website Design By Bootalpha.com +91 82529 92275