पंचायतों के कार्यकाल को 6 महीना आगे बढ़ाने के लिये भाकपा माले का राज्य व्यापी विरोध दिवस

विशाल दीप सिंह/ गडहनी:-  पंचायतों के कार्यकाल को 6 महीना आगे बढ़ाने,पंचायतों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने, कोविड महामारी से मुकाबला के लिये प्रतिनिधियों का अधिकार बढ़ाने और पंचायतों के अधिकारों को नौकरशाहों को सौंपने के खिलाफ भाकपा माले का राज्य व्यापी विरोध दिवस अगिआंव विधायक मनोज मंज़िल के नेतृत्व में गड़हनी बर-मुहल्ला में मनाया गया।विरोध दिवस के दौरान मनोज मंज़िल ने कहा कि 15 जून को बिहार में पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। हमारी पार्टी ने पंचायतों के कार्यकाल को 6 महीना आगे बढ़ाने की बात सरकार से करती रही है। लेकिन सरकार विधानसभा में पंचायतों के कार्यकाल को 6 महीना आगे बढ़ाने के अध्यादेश के जगह पंचायतों के अधिकारों को 6 महीना के लिये नौकरशाहों को सौंपने का अध्यादेश लाना चाह रही है जो बिल्कुल अलोकतांत्रिक है।हमारी पार्टी इसकी तीखे शब्दों निंदा करती है और बिहार के तमाम पंचायत प्रतिनिधियों से सरकार के इस अलोकतांत्रिक कदमों विरोध करने की मांग करती है।आगे मंज़िल ने कहा कि कोविड महामारी के इस भयानक दौर में सरकार का कोविड जागरूकता और प्रत्येक व्यक्तियों का वैक्सिनेशन अभियान पंचायत प्रतिनिधियों के बगैर टाँय टाँय फीस हो जायेगा।क्योंकि नौकरशाहों की पहुंच समाज के अंतिम पायदान पर रहने वाले लोंगो तक नहीं है बल्कि पंचायत प्रतिनिधियों का रहता है।पंचायत प्रतिनिधियों के बगैर सरकार की कोविड से सुरक्षात्मक और विकासात्मक योजनायें लूट का अखाड़ा बन जायेगा।इस लिए हम सरकार से मांग करते है कि पंचायतों के कार्यकाल को 6 महीना आगे बढ़ाने वाला अध्यादेश विधान सभा मे लाया जाय तथा पंचायतों के अधिकार को बढ़ाया जाय।उपस्थित लोगों में राम छपित राम, अबू हसन, तफज्जुल जमाल, मंजूर रजा, निक्कू, मो.सोनू, अरशद परवेज, जफर इमाम, सिक्का खान, शाहिद, सद्दाम एवं विधायक के विधानसभा प्रतिनिधि आनंद कुमार मौजूद रहे ।


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