कोरोना संकट में नकारात्मकता से बचने दे लिए नि:शुल्क मनावैज्ञानिक परामर्श : डॉ कृष्ण चंद्र चौधरी 

आरा:- सहजानंद ब्रह्मर्षि कॉलेज, आरा के मनोविज्ञान के विभागाध्यक्ष; राष्ट्रीय सेवा योजना के नोडल सह कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ कृष्ण चंद्र चौधरी; साथ ही वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय की ओर से भी विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, दु:ख, भय, डर, अकेलेपन, चिंता, अनिश्चितता, निराशा, दबाव, तनाव प्रबंधन, मनोसामाजिक सरोकार और जरूरतमंद लोगों को के लिए परामर्शदाता हैं। कोविड-19 के काल में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए मनोवैज्ञानिक परामर्श एवं मनोसामाजिक सहायता दे रहें हैं। उन्होंने बताया की चिंता एवं तनाव वर्तमान जीवन की सबसे बड़ी समस्या है और मानसिक तनाव ही स्वास्थ्य का दुश्मन है। तनाव की अवस्था में व्यक्ति में प्रायः चिंता, डर, आशंका व घबराहट उत्पन्न होता है, जो भावनाओं के आदान-प्रदान से कम किया जा सकता है और उम्मीद, धैर्य व सकारात्मक भाव रखें। इससे समायोजन व परिस्थिति के अनुरूप स्वयं को ढ़ालने की क्षमता बढ़ती है और कोविड प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित रूप से करें। इस विकट परिस्थिति से उत्पन्न मानसिक दबाव से बाहर निकलने में मनोवैज्ञानिक सहायता सहायक सिद्ध होता है।

साकारात्मक सोच व रचनात्मक क्रियाकलापों को अपना कर दबावपूर्ण स्थिति से बाहर निकला जा सकता है। केवल दृढ़ ईच्छाशक्ति और हम की भावना के साथ प्रयासरत रहने की आवश्यकता है।
मनोवैज्ञानिक परामर्श, मनोसामाजिक सहायता, मानसिक निर्देशन, मनोसामाजिक समर्थन और निराश्रित व्यक्तियों के लिए भावनात्मक सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं और अपनी सेवा पिछले एक साल से निरंतर रूप से दे रहें हैं। डॉ चौधरी मनोविज्ञानी होने के नाते मानसिक रूप से 24×7 समाज की भलाई के लिए तैयार हैं और अपना मोबाइल और व्हाट्सएप नंबर 7000595919 (दिन-रात राष्ट्र सेवा हेतु) सार्वजनिक कर दिया गया है। ताकि कोविड-19 और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े जानकारी के लिए संपर्क कर सके जिससे ज़रूरतमंदों को तत्काल मदद मिल सके।
इसके साथ ही डॉ. चौधरी शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के पहल पर मनोदर्पण और स्वास्थ्य मनोविज्ञान की भारतीय अकादमी एवं वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय आरा के तहत स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्रओं को देशव्यापी आउटरीच के लिए राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन में भी अपना योगदान दे रहें हैं जिसमें मानसिक स्वास्थ्य और मानसिक-सामाजिक मुद्दों को दूर करने के लिए टेली-काउंसलिंग प्रदान किया जाता है।
इसमें ज्यादातर अकादमिक और कैरियर संबंधी मुद्दों से संबंधित प्रश्न पूछते हैं जैसे ऑनलाइन सीखने में कठिनाई, समय प्रबंधन करने में कठिनाई, अध्ययन की आदतों में सुधार के लिए रणनीति, परीक्षाओं की तैयारी के लिए रणनीति, विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं के बारे में जानकारी के संबंधित आदि।
माता-पिता ज्यादातर शैक्षिक और कैरियर से संबंधित प्रश्न पूछते हैं जैसे एकाग्रता की कमी, स्कूलों के फिर से खोलने, व्यवहार के स्वरूप में बदलाव, बच्चों की मनोदशा में बदलाव, ऑनलाइन सीखने में कठिनाई, प्रवेश परीक्षाओं से संबंधित प्रश्नों आदि के बारे में चिंतित।


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